मां अन्नपूर्णा मंदिर कोट किशनचंद में तुलसी आंवला महोत्सव शुरू

मां अन्नपूर्णा मंदिर कोट किशनचंद में तुलसी आंवला महोत्सव शुरू

-भक्तों में भारी उत्साह
-25 को होगा माता तुलसी का विवाह
-ईंटों की कोठियां बना करते हैं अपनी कोठी की कामना
-सोशल डिस्टेंस का रखा जा रहा पूरा ध्यान

https://fb.watch/1V_Z_eZgdL/

(पूजा मेहरा) : मां अन्नपूर्णा मंदिर कोट किशनचंद में तुलसी आंवला पूजन महोत्सव मेला 22 नवंंबर से 30 नवंबर तक मनाया जा रहा है। गोपाष्टमी के दिन अन्नपूर्णा मन्दिर में स्थित गोशाला में गायों की पूजा से मेला शुरू हुआ । इन दिनों में आंवला और तुलसी की पूजा का विधान है।

मान्यता है कि आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास होता है। आंवला वृक्ष के मूल में विष्णु जी का पूजन करने से विष्णु तीर्थ में भगवान की पूजा का फल मिलता है। भक्त आंवले की छाया में ही भोजन करते हैं।

आंवले के रूप में भगवान विष्णु की ही पूजा की जाती है। लोग आंवले की पूजा करने के उपरांत अपने घर से बनाकर लाया भोजन मां अन्नपूर्णा मंदिर के प्रांगण में बैठ कर ग्रहण करते हैं।


25 नवंबर को होगा माता तुलसी का विवाह

25 नवंबर को सुबह साईं मंदिर विकासपुरी के सदस्य ठाकुर जी की बरात जिनमे राशि पराशर, राजेंद्र पराशर, सुमिता एवं तुलसी नंदन बारात लेकर तुलसी मां को ब्याहने मंदिर में पहुंचेंगे। अन्नपूर्णा मंदिर प्रबंधक कमेटी के सदस्य तुलसी पक्ष की तरफ से बारात का स्वागत करेंगे। रस्म मिलनी व संकीर्तन, लग्न फेरे व कन्यादान होगा। शाम 4 बजे तुलसी माता की विदाई होगी।

ईंटों की कोठियां बना करते हैं अपनी कोठी की कामना, कोरोना के चलते नियमों की पालना होंगी

मान्यता है कि इन दिनों आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन ग्रहण करने से वर्ष भर के अन्न के विकार समाप्त हो जाते हैं। ईंटों की कोठियां बनाकर अपनी कोठी के लिए मन्नत मांगते हैं। इसीलिए हर साल भक्तजन दूर-दूर से मां के चरणों में आकर नतमस्तक होते हैं। मंदिर कमेटी के महासचिव सुनील ज्योति ने बताया कि मंदिर प्रबंधक कमेटी की तरफ से भक्तों की सुविधा के प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। भक्तों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसलिए खास प्रबंध किए जा रहे हैं। मेले के दौरान भजन मंडलियां भजन करेंगी। कोरोना को देखते हुए पूरी तरह से नियमो की पालना की जाएगी इसीलिए भक्तजनो से भी यह निवेदन है कि सभी सोशल डिस्टेंस की पालना करते हुए माँ अन्नपूर्णा के दर्शन करें।

2 Comments

Post a Comment

Translate »
error: Content is protected !!