तहसील एक्सपाेज़ – रैवेन्यु रिकार्ड में हेर-फेर करके किसी का मकान – बेच दिया किसी और काे, देखिये वीडियाे !

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तहसील एक्सपाेज़ – रैवेन्यु रिकार्ड में हेर-फेर करके किसी का मकान – बेच दिया किसी और काे, देखिये वीडियाे !

(ब्यूराे) – जालंधर तहसील में आए दिन किसी न किसी घाेटाले व फर्जीवाड़े की खबरें सुनने काे मिलती रहती हैं। यहां कब किसी मृत व्यक्ति काे ज़िंदा दिखाकर जाली रजिसट्री कर दी जाए, कब किसी व्यक्ति की जगह दूसरे काे खड़ा करके दस्तावेज रजिस्टर करवा लिए जाएं, कब जाली आधार कार्ड बनाकर पेश कर दिया जाए, कब किसी की जगह काे अपनी बताकर बेच दिया जाए, यहां सब कुछ संभव है।

असंभव दिखने वाले यह सारे काम तहसील के कुछ महारथियाें द्वारा संभव बनाए जाते हैं। इनमें कुछ वसीका नवीस, नंबरदार, अष्टामफराेष एवं यहां से आपरेट करने वाले कुछ निजी करिंदाें के साथ-साथ लालची किस्म के अधिकारी भी अपनी भागीदारी रखते हैं।

ऐसे ही एक चाैंकाने वाला मामला कुछ दिन पहले सामने आया, जब कुछ लाेगाे ने मिलीभगत करके एक व्यक्ति का घर किसी अन्य व्यक्ति काे बेच दिया।

इस मामले में एक अधिकारी के नाम की भी खूब चर्चा हाे रही है, तहसील में खुसर-पुसर चल रही है,

कि अधिकारी काे पता था, कि मामला गड़बड़ है,

मगर केवल पैसाें के लालच में उसने गल्त दस्तावेज रजिस्टर कर दिया। 

क्या है मामला, कैसे आया सामने ?

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रिंस अराेड़ा नामक व्यक्ति ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है, कि कुछ लाेगाे ने आपसी मिलीभगत करके उसकी काेठी रैवेन्यु रिकार्ड में हेर-फेर करके किसी अन्य व्यक्ति काे न केवल बेच दी, बल्कि ताले ताेड़कर उसका कब्ज़ा भी दे दिया। प्रिंस अराेड़ा ने गीता कालाेनी निवासी राजिंदर कुमार, विनय यादव, गीता लूथरा पत्नी राजिंदर लूथरा निवासी करतार नगर,साजन यादव व माेहित लूथरा के खिलाफ शिकायत देते हुए कहा है, कि बस्ती शेख में उनका पुश्तैनी मकान है। जहां से शिफ्ट हाेकर कुछ समय पहले वह हरबंस नगर चले गए थे। उक्त मकान अक्सर बंद ही रहता था। मगर वह एक-दाे महीनाें में वहां जाया करते थे।

प्रिंस ने बताया, कि कुछ समय पहले उसे जानकारी मिली की कुछ लाेगाे ने उनके मकान के ताले ताेड़कर उसपर कब्ज़ा कर लिया है, व मकान के अंदर पेंट का काम चल रहा था। जब उन्हाेंने माैके पर जाकर देखा ताे उनकी हैरानी का ठिकाना ही न रहा। दरअसर उनके मकान के खसरा नंबराेें काे रैवेन्यु रिकार्ड में गीता कालाेनी का बताकर उनके मकान की गल्त ढंग से रजिस्ट्री करवाई गई। हैरानी वाली बात है, कि इस मकान के रैवेन्यु रिकार्ड में हेर-फेर करके उनके मकान के ऊपर बैंक से लाेन भी ले लिया गया। प्रिंस का कहना है कि इस पूरे मामले में तहसील के कुछ लाेग शामिल हैं, जिन्हाेंने पैसाें के लालच में इस फर्जीवाड़े काे अंजाम दिया है।

फिल्हाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, ताकि इस बात का पता लगाया जा सके, कि रैवेन्यु रिकार्ड में हेर-फेर करके इस फर्जीवाड़े काे कैसे व किसने अंजाम दिया है।

क्या कहना है शिकायतकर्ता, नंबरदार, नंबरदार यूनियन प्रधान व वसीका नवीस का, देखिये वीडियाे 

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