एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए नहीं लेना होगा ई-पास, मामले बढ़े तो दफ्तरों के स्टाफ का टाइम बदलेगा

एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए नहीं लेना होगा ई-पास, मामले बढ़े तो दफ्तरों के स्टाफ का टाइम बदलेगा

(HNI ब्यूरो, जालंधर) केंद्र सरकार ने भी कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए नई गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक यह दिशा निर्देश जारी रहेंगे। इसके तहत नाइट कर्फ्यू लगाने की शक्ति तो राज्य सरकार के पास रहेगी लेकिन केंद्र से पूर्व चर्चा के बगैर वे कंटेनमेंट जोन्स से बाहर लॉकडाउन का फैसला नहीं ले पाएंगी। एक राज्य से दूसरे राज्यों में जाने के लिए किसी भी तरह के पास की जरूरत नहीं होगी। लेकिन केस बढ़ने की सूरत में दफ्तरों और फैक्ट्रियों में काम के समय में तब्दीली हो सकती है। कर्मचारियों को अलग अलग शिफ्टों में बुलाया जा सकता है। फिलहाल किसी भी तरह के लॉकडाउन की बात नहीं कही गई है।

जिलों और राज्यों की वेबसाइटों पर होगी कंटेनमेंट जोन्स की लिस्ट
गाइडलाइंस के मुताबिक कंटेनमेंट जोन्स में सभी एहतियातों के पालन कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासनों की होगी। कंटेनमेंट जोन्स की सूची को डिस्ट्रिक्ट कलेक्टरों और संबंधित राज्यों की वेबसाइटों पर प्रकाशित करना होगा। कंटेनमेंट जोन्स के लिए बनाए गए नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस, निगम और जिला प्रशासन की होगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इस बारे में अफसरों की जवाबदेही तय करेंगी।

कार्यक्रमों में अधिकतम 200 लोगों को इजाजत, राज्यों को इसे और कम करने का अधिकार
एचएनआई को मिली जानकारी के मुताबिक सिनेमा हॉल्स, थिअटर्स, स्विमिंग पूल्स आदि को लेकर पाबंदियां जारी हैं। सिनेमा हॉल अभी भी 50 प्रतिशत दर्शक क्षमता के साथ चलेंगे। स्विमिंग पूल्स का इस्तेमाल सिर्फ स्पोर्ट्स पर्सन्स की ट्रेनिंग के लिए हो सकेगा। गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के मुताबिक किसी भी तरह के कार्यक्रम चाहे वे धार्मिक हों, सामाजिक हों, खेल से हों, मनोरंजन या शैक्षणिक हों, उसमें 200 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते। हां, अगर राज्य सरकारें चाहें तो इस संख्या को 100 या उससे भी कम पर सीमित कर सकते हैं।

राज्यों को नाइट कर्फ्यू जैसे फैसले लेने की छूट
राज्यों को अपने यहां के हालात के हिसाब से नाइट कर्फ्यू जैसे फैसले लेने की छूट है। जिन शहरों में साप्ताहिक केस पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत से ऊपर रहेगी, वहां दफ्तरों, फैक्ट्रियों, दुकानों आदि में वर्किंग ऑवर अलग-अलग समय पर करने की सलाह दी गई है ताकि एक ही समय में बहुत ज्यादा इम्प्लॉयी न आएं। हालांकि, राज्यों को कंटेनमेंट जोन्स से बाहर स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन (राज्य/जिला/सब डिविजन/शहर स्तर पर) लागू करने से पहले केंद्र के साथ चर्चा करनी होगी। बिना पूर्व चर्चा के स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लागू नहीं किए जा सकेंगे।

एक राज्य से दूसरे राज्य या किसी राज्य के भीतर आवाजाही पर कोई रोक नहीं

एक राज्य से दूसरे राज्य या किसी राज्य के ही भीतर लोगों और सामानों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं रहेगी। आवाजाही के लिए अलग से किसी भी तरह के परमिट/ई-परमिट की जरूरत नहीं होगी।

बुजुर्गों, बच्चों, बीमार और गर्भवती महिलाओं को घर में रहने की सलाह
ज्यादा जोखिम वाले लोगों जैसे 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों, पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों, गर्भवती महिलाओं, 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। जब तक बहुत ही ज्यादा जरूरी न हो, उन्हें बाहर निकलने से बचना चाहिए।

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