हद हो गई बेशर्मी की- खुद ही बन बैठे DC, जुगाड़ से अपनी संस्था के सदस्यों को जारी कर दिए CURFEW PASS, पढ़ें

हद हो गई बेशर्मी की- खुद ही बन बैठे DC, जुगाड़ से अपनी संस्था के सदस्यों को जारी कर दिए CURFEW PASS, पढ़ें

(HNI ब्यूरो, स्वदेश ) : एक तरफ जहां शहर के अंदर कर्फ्यू के दौरान बाहर घूमने के लिए जिला प्रशासन से कर्फ्यू पास लेने वालों की कोई कमी नहीं है। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो खुद को डीसी के बराबर समझते हैं और बिना किसी कायदे कानून की परवाह किए हुए अपनी निजी संस्था के नाम से सदस्यों को शहर में कर्फ्यू के दौरान होने के लिए बकायदा तौर पर कर्फ्यू ड्यूटी पास तक जारी कर रहे हैं।
HNI के एक जागरूक पाठक ने ऐसे ही 2 कर्फ्यू ड्यूटी पास की फोटो भेजी, जिसे देखकर किसी के भी पैरों तले जमीन खिसक जाए। अग्रवाल सभा जिला जालंधर के नाम से बनाए गए उक्त कर्फ्यू ड्यूटी पास इस तरह से जारी किए गए हैं कि, मानो कोई सरकारी कर्फ्यू पास जारी किया गया है।

 


संस्था के प्रधान ने अपना नाम और मोबाइल नंबर तक कार्ड पर छापा है ताकि अगर कोई पुलिस कर्मचारी उनके सदस्यों को कर्फ्यू के दौरान आने-जाने से रोकता है तो वह उनके साथ फोन पर बात करवा सके। इतना ही नहीं जिला प्रशासन द्वारा कर्फ्यू के दौरान जरूरी वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए जारी किए गए पीले रंग के कर्फ्यू पास को देखते हुए संस्था के द्वारा जारी कर्फ्यू ड्यूटी पास को भी पीले रंग का ही बनाया गया है। हैरानी की बात है कि कर्फ्यू लगे हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं और उक्त संस्था ने कैसे बड़ी आसानी से कर्फ्यू के दौरान अपनी संस्था के नाम पर इस तरह के नए कर्फ्यू ड्यूटी पास भी छपवा लिए।
हर कोई समाज सेवा के नाम पर अपने-अपने कर्फ्यू पास छपवा आएगा तो कानून व्यवस्था का कैसे होगा पालन ?
सोचने वाली बात है कि अगर हर सामाजिक संस्था कर्फ्यू के दौरान जरूरतमंदों तक सामान पहुंचाने के नाम पर अपने अपने अलग कर्फ्यू पास जारी कर देते हैं तो शहर के अंदर कानून व्यवस्था कैसे लागू की जा सकेगी? कैसे पुलिस प्रशासन सरकारी कर्फ्यू पास और निजी कर्फ्यू पास में अंतर कर सकेंगे।

नहीं बांटे कोई कर्फ्यू ड्यूटी पास, गलत प्रिंट हो गए थे : अविनाश सिंगला
अग्रवाल सभा के प्रधान अविनाश सिंगला से जब इस संबंधी बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनकी संस्था की तरफ से कोई भी कर्फ्यू ड्यूटी पास नहीं बांटा गया है।उन्होंने बताया कि वह केवल समाज सेवा करते हैं और अपने सदस्यों के लिए केवल वॉलिंटियर कार्ड छपाए गए थे। प्रिंटिंग के समय गलती से कर्फ्यू ड्यूटी पास छप गया इसीलिए उक्त कार्ड नहीं बांटे गए।

इस संबंधी जब डीसी वरिंदर कुमार शर्मा से बात करने की कोशिश की गई तो उनके इन दिनों व्यस्त शेड्यूल के कारण उनके साथ फोन पर संपर्क नहीं हुआ सका जिससे उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। जैसे ही डीसी वरिंदर कुमार शर्मा से बात होगी वैसे ही निजी कर्फ्यू ड्यूटी पास को लेकर उनका पक्ष प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।

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