(EXCLUSIVE) जिमखाना अंदर की बात – मौजूदा टीम की कार्यप्रणाली एवं नीयत पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल !

(EXCLUSIVE) जिमखाना अंदर की बात – मौजूदा टीम की कार्यप्रणाली एवं नीयत पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल !

मौजूदा टीम की कार्यप्रणाली एवं नीयत पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल
क्लब सदस्यों के पैसों का दुरुपयोग करने के भी लगे इल्जाम
क्लब प्रधान को चिट्ठी भेजने की हुई तैयारी, सदस्यों से करवाए जा रहे हस्ताक्षर
80 लाख रुपए खर्च करके किए गए प्रोजेक्ट्स को बताया गैर जरूरी
प्रस्तावित पार्किंग प्रोजेक्ट के लिए कैसे आएंगे पैसे ?
पर्दे के पीछे कौन चला रहा सारी मुहिम
आगामी चुनावों के साथ क्या है इसका संबंध ?

(कुमार अमित) 

जिमखाना क्लब के अंदर बनने वाली प्रस्तावित पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एग्जीक्यूटिव कमेटी में लिए गए फैसले के खिलाफ क्लब के कुछ सदस्यों द्वारा पहले एक रिप्रेजेंटेशन भेजी जा चुकी है। जिसको लेकर मौजूदा प्रबंधन द्वारा उक्त सदस्यों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। पहली रिप्रेजेंटेशन का मामला अभी पूरी तरह से सुलझा भी नहीं है कि एक नई रिप्रेजेंटेशन के बारे में चर्चाओं का दौर आरंभ हो चुका है।क्लब प्रधान डिविजनल कमिश्नर के पास भेजने के लिए एक लंबी चौड़ी चिट्ठी तैयार की जा चुकी है। जिसमें मौजूदा टीम की कार्यप्रणाली एवं नियत पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। फिलहाल इस रिप्रेजेंटेशन के ऊपर क्लब सदस्यों के हस्ताक्षर करवाने का काम जारी है।


क्या है दूसरी रिप्रेजेंटेशन, कौन से सवाल किए गए हैं खड़े ?

 

पत्र में लिखा गया है कि लगभग 2 साल पहले कॉफी शॉप का निर्माण किया गया था जिस पर 50 लाख का खर्चा हुआ था। नई टीम ने चार संभालने के महज 6 महीने बाद ही कॉफी शॉप की रेनूवेशन करके उसे रेस्टोरेंट बनाने का काम आरंभ कर दिया जिस पर लगभग ₹60 लाख खर्च आया।
इतना ही नहीं चार में गेस्ट रूम बनाए गए और पहले से बने तीन गेस्ट रूम को भी रिनोवेट किया गया। नई टीम द्वारा इस कार्य पर भी 20 लाख रुपए खर्चे गए।

मौजूदा टीम के अंदर 10 एग्जीक्यूटिव में से 7 एग्जीक्यूटिव पिछली टीम का भी हिस्सा थे। ऐसे में यह बेहद हैरान करने वाला है कि बार-बार बदलाव करके क्लब के फंड का दुरुपयोग क्यों किया जा रहा है।
पत्र में लिखा गया है कि क्लब प्रबंधन द्वारा लगभग ₹80 लाख की लागत से टेनिस कोर्ट बनाए गए थे और 25 लाख से चिल्ड्रन पार्क का निर्माण किया गया था। अब इसी जगह अंडर ग्राउंड पार्किंग का प्रस्ताव लाया गया है। जोकि सरासर गलत एवं गैर जरूरी है। बिना टेंडर के कंपनी को काम दिए जाने एवं उक्त प्रोजेक्ट की कीमत को लेकर भी कई सवाल खड़े किए गए हैं।

पूरे मामले में कुछ लोग राजनीतिक रोटियां सेकने का भी कर रहे काम

सूत्रों की माने तो पहले दी गई रिप्रेजेंटेशन एवं नई तैयार की गई रिप्रेजेंटेशन के पीछे क्लब के एक पूर्व पदाधिकारी की अहम भूमिका सामने आ रही है। मौजूदा टीम के साथ अनबन को इस पूरे मामले का असली कारण बताया जा रहा है। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि जहां एक तरफ क्लब के फंड के दुरुपयोग एवं मौजूदा टीम की मनमानी को लेकर बातें हो रही हैं वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इस पूरे मामले में अपनी राजनीतिक रोटियां भी सेकने में लगे हुए हैं।

पूर्व में क्लब प्रबंधन का हिस्सा रह चुके बड़ी गिनती में पदाधिकारी एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं कि आगामी चुनावों से पहले कुछ बड़े गरमा गरम मुद्दे क्लब में उठे ताकि इसका सीधा लाभ उनके द्वारा आगामी चुनावों में हिस्सा लेने पर लाभ वाली स्थिति देकर बने। क्लब द्वारा नोटिस दिए जाने के बाद काफी सदस्य खुलकर सामने आने से कतरा ने लगे हैं और अंदर खाते इस पूरे मामले में अपनी अपनी तरफ से मदद करने में लगे हुए हैं।

7 करोड़ की FD इस्तेमाल करने की चर्चा से क्लब में रोष की लहर

क्लब के कुछ सदस्यों का यह भी मानना है कि अगर 8 करोड़ के इस महत्वाकांक्षी प्रस्तावित पार्किंग प्रोजेक्ट की वजह से मौजूदा टीम द्वारा बिना क्लब सदस्यों की इजाजत के 7 करोड़ की FD को तोड़ा जाता है तो उस स्थिति में क्लब के अंदर भूचाल वाली स्थिति बन सकती है। कई सदस्यों में इसको लेकर रोष पाया जा रहा।
सदस्यों का कहना है कि कुछ साल पहले क्लब के जनरल हाउस में इस बात को लेकर भी प्रस्ताव पास किया गया था कि क्लब के पास जमा पैसों की FD को बिना क्लब सदस्यों से परमिशन लिए नहीं इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि उक्त प्रस्ताव को औपचारिक रूप से क्लब की प्रोसिडिंग में दर्ज किया गया था या नहीं इसको लेकर स्थिति साफ नहीं है। सदस्यों के एक गुट का कहना है कि अगर इतनी बड़ी राशि का इस्तेमाल किया जाना है तो उसके लिए जनरल हाउस बुलाकर उसमें क्लब सदस्यों की स्वीकृति लेना अनिवार्य है।

इस मामले में जब क्लब प्रधान डिविजनल कमिश्नर राजकमल चौधरी एवं सेक्रेटरी तरुण सिक्का से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे बात नहीं हो पाई। जिस वजह से फिलहाल क्लब प्रबंधन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।

जैसे ही क्लब प्रबंधन की तरफ से कोई पक्ष आता है उसे प्रमुखता से प्रकाशित करके पाठकों के सामने रखा जाएगा।

Post a Comment

Translate »